बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुरूप, यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है। यह कोई विज्ञापन या कार्य के लिए आग्रह (सॉलिसिटेशन) नहीं है।

भूमि एवं संपत्ति अभिलेख

ओडिशा में कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में कैसे परिवर्तित करें?

सामान्य कानूनी जानकारीअद्यतन

पढ़ने का समय
7 मिनट
खंड
9
प्रश्न
5
आधिकारिक स्रोत
5
इस पृष्ठ पर

संक्षिप्त उत्तर

जो रैयत कृषि भूमि का उपयोग घर, दुकान या अन्य गैर-कृषि प्रयोजन के लिए करना चाहता है, वह ओडिशा भूमि सुधार अधिनियम, 1960 की धारा 8-A के तहत अनुमति के लिए आवेदन करता है। आवेदन तहसील में दाखिल होता है, क्षेत्रीय जाँच के बाद प्राधिकृत राजस्व अधिकारी (तहसीलदार या, अधिसूचित मामलों में, उप-जिलाधिकारी) मामले का निर्णय करता है, और परिवर्तन शुल्क जमा होने के बाद अधिकार अभिलेख (RoR) में सुधार किया जाता है। 2023 के संशोधन के बाद से शुल्क बाज़ार मूल्य का एक प्रतिशत है।

कन्वर्ज़न का अर्थ

ओडिशा में हर प्लॉट अधिकार अभिलेख में एक भूमि वर्गीकरण, यानी किस्म, के साथ दर्ज होता है (RoR कैसे पढ़ें देखें)। सरद, दोफसली या तैला जैसी कृषि किस्मों का अर्थ है कि भूमि खेती के लिए धारित है। बिना अनुमति ऐसी भूमि का उपयोग घर, दुकान, स्कूल, कारखाने या प्लॉटेड लेआउट के लिए करना उपयोग में ऐसा परिवर्तन है जिसकी कानून अनुमति नहीं देता। ओडिशा भूमि सुधार अधिनियम, 1960 (OLR Act) की धारा 8-A बताती है कि रैयत परिवर्तन की अनुमति कैसे प्राप्त कर सकता है, और फिर अभिलेख में किस्म बदलकर यह परिवर्तन दर्शाया जाता है, उदाहरण के लिए घरबारी (गृहस्थल/आवासीय भूमि) में।

कन्वर्ज़न भवन निर्माण की अनुमति के समान नहीं है। किस्म बदल जाने के बाद भी किसी भी निर्माण के लिए उस क्षेत्र के विकास प्राधिकरण, नगरपालिका या अन्य योजना निकाय से नक्शे की मंज़ूरी आवश्यक है।

कौन आवेदन कर सकता है

  • वर्तमान अधिकार अभिलेख में दर्ज रैयत, या वह व्यक्ति जिसने पंजीकृत विलेख या उत्तराधिकार से भूमि प्राप्त की है और उसका नामांतरण (म्यूटेशन) अपने नाम करवा लिया है (ओडिशा में नामांतरण देखें)।
  • संयुक्त खाते के सभी सह-हिस्सेदार, या वह हिस्सेदार जिसका हिस्सा बँटवारे से अलग हो चुका है। यदि भूमि अभी भी संयुक्त है, तो किसी एक हिस्सेदार के "हिस्से" के कन्वर्ज़न पर आमतौर पर आपत्तियाँ आती हैं।

यदि भूमि हाल ही में खरीदी गई है, तो पहले नामांतरण के लिए आवेदन करें। ऐसे नाम से आवेदन जो अधिकार अभिलेख में नहीं है, देरी का एक आम कारण है।

आवेदन कहाँ करें और निर्णय कौन करता है

आवेदन उस तहसील में दिया जाता है जहाँ भूमि स्थित है। OLR Act एक "प्राधिकृत अधिकारी" का उल्लेख करता है जो कन्वर्ज़न की अनुमति दे सकता है; राजस्व विभाग ने 2017 में प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति अधिसूचित की थी। व्यवहार में अधिकांश मामलों का निर्णय तहसीलदार या अतिरिक्त तहसीलदार करते हैं, जबकि बड़े क्षेत्रों के मामले उप-जिलाधिकारी (सब-कलेक्टर) के सामने रखे जाते हैं। तहसील से पूछें कि आपके मामले का निर्णय कौन अधिकारी करेगा, क्योंकि इसी से यह भी तय होता है कि बाद में कोई चुनौती कहाँ दी जाएगी।

उद्योग या अन्य परियोजना स्थापित करने वाले आवेदक राज्य के सिंगल-विंडो पोर्टल GO-SWIFT (Invest Odisha) के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं, जिसकी सेवाओं में कृषि भूमि का कन्वर्ज़न सूचीबद्ध है। व्यक्तिगत गृहस्वामी आमतौर पर तहसील में या, जहाँ तहसील ने इन्हें शुरू किया है, राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से आवेदन करते हैं।

आमतौर पर माँगे जाने वाले काग़ज़ात

  • निर्धारित प्रपत्र में आवेदन। राजस्व विभाग के एक प्रकटीकरण में OLR Rules, 1965 के अंतर्गत प्रपत्र संख्या 25 का उल्लेख है; वर्तमान संस्करण तहसील से माँगें।
  • वर्तमान अधिकार अभिलेख की प्रति (भूलेख (Bhulekh) से या प्रमाणित प्रति)।
  • पंजीकृत बिक्री, दान या बँटवारा विलेख, या उत्तराधिकार का प्रमाण, और यदि अभिलेख हाल ही में बदला गया है तो नामांतरण आदेश।
  • अद्यतन भू-राजस्व (लगान/खजाना) रसीदें।
  • प्लॉट का नक्शा (स्केच मैप) जिसमें उसकी स्थिति, सीमाएँ और पहुँच मार्ग दिखाए गए हों।
  • पहचान और पते का प्रमाण, तथा प्रस्तावित उपयोग का विवरण।

कन्वर्ज़न का मामला कैसे आगे बढ़ता है

  1. मामला दर्ज। तहसील एक मामला खोलती है और आवेदन का मिलान अधिकार अभिलेख और रिकॉर्ड रूम से करती है।
  2. क्षेत्रीय जाँच। राजस्व निरीक्षक (RI) भूमि का निरीक्षण करता है और उसके वर्तमान उपयोग, पड़ोसी भूमि, पहुँच मार्ग तथा कन्वर्ज़न में किसी बाधा के बारे में रिपोर्ट देता है।
  3. मूल्यांकन। शुल्क की गणना के लिए बाज़ार मूल्य निर्धारित किया जाता है, सामान्यतः उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) के मूल्यांकन के संदर्भ में।
  4. सुनवाई और आदेश। प्राधिकृत अधिकारी रिपोर्ट पर विचार करता है और कन्वर्ज़न की अनुमति देने या अस्वीकार करने का आदेश पारित करता है।
  5. शुल्क जमा, अभिलेख में सुधार। अधिकार अभिलेख में किस्म केवल परिवर्तन शुल्क जमा होने के बाद ही बदली जाती है। भूलेख पर अद्यतन प्रविष्टि जाँच लें।

ओडिशा लोक सेवा अधिकार अधिनियम, 2012 (Odisha Right to Public Services Act) के अंतर्गत राज्य की अधिसूचना में "OLR Act की धारा 8(A) के तहत मामले का निपटारा" को 60 दिन की समयबद्ध सेवा के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें तहसीलदार या अतिरिक्त तहसीलदार नामित अधिकारी हैं। यदि मामला समय पर निपटाया नहीं जाता, तो उस अधिनियम के तहत अपील उप-जिलाधिकारी (सब-कलेक्टर) के पास और पुनरीक्षण जिलाधिकारी (कलेक्टर) के पास होता है। यह देरी का उपाय है; इससे मामले के गुण-दोष का निर्णय नहीं होता।

कन्वर्ज़न शुल्क

ओडिशा भूमि सुधार (संशोधन) अधिनियम, 2023 (Odisha Act 15 of 2023, 29 दिसंबर 2023 को प्रकाशित) ने धारा 8-A(2) की पहले की स्लैब प्रणाली को बदल दिया। संशोधन लागू होने की तिथि को या उसके बाद होने वाले परिवर्तनों के लिए शुल्क अब कृषि भूमि के प्रति एकड़ बाज़ार मूल्य के एक प्रतिशत की दर से देय है। इससे पहले शुल्क स्थान पर निर्भर करता था: नगरपालिका और राजमार्ग किनारे की भूमि के लिए प्रति एकड़ निश्चित राशि और अन्य स्थानों पर एक प्रतिशत दर।

कुछ श्रेणियों के लिए अलग छूट और रियायतें अधिसूचित की गई हैं, जैसे राज्य की औद्योगिक नीति के तहत औद्योगिक उपयोग की भूमि और वह भूमि जो पहले से OLR Act के दायरे से बाहर है। इनमें से कोई लागू होती है या नहीं, इसका निर्णय मामले-दर-मामले होता है, इसलिए तहसील से आकलन लिखित रूप में दिखाने को कहें।

सामान्य आपत्तियाँ और अस्वीकृति के कारण

  • योजना से टकराव। धारा 8-A केवल तभी कन्वर्ज़न की अनुमति देती है जब इससे क्षेत्र के मास्टर प्लान, विकास योजना या नगर नियोजन योजना का उल्लंघन न हो। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में सबसे पहले भूमि उपयोग ज़ोन देखा जाता है।
  • स्वामित्व या अभिलेख की समस्याएँ। आवेदक का नाम RoR में नहीं है, नामांतरण लंबित है, या विलेख में दर्ज क्षेत्रफल या प्लॉट संख्या अभिलेख से मेल नहीं खाती।
  • प्रतिबंधित भूमि। सरकारी भूमि, शर्तों के साथ बंदोबस्त की गई भूमि, सीलिंग-अधिशेष भूमि, या अनुसूचित जनजाति के रैयत की वह भूमि जिस पर OLR Act के तहत हस्तांतरण प्रतिबंध लागू हैं।
  • सह-हिस्सेदार या पड़ोसी की आपत्तियाँ। खाता संयुक्त है और अन्य हिस्सेदार सहमत नहीं हैं, या पड़ोसी पहुँच मार्ग या जल-निकासी को लेकर आपत्ति करते हैं।
  • प्लॉट को लेकर लंबित मुकदमा, या उस पर पहले से मौजूद अनधिकृत निर्माण।

यदि भूमि पर पहले से निर्माण हो चुका है

बिना कन्वर्ज़न वाली कृषि भूमि पर किया गया निर्माण अपने आप नियमित नहीं हो जाता। राजस्व क्षेत्रीय कर्मचारी ऐसे मामले स्वयं भी दर्ज कर सकते हैं। निर्माण से पहले कन्वर्ज़न और किसी भी योजना अनुमति के लिए आवेदन करना, और खरीदने से पहले किस्म जाँच लेना अधिक सुरक्षित है (भूमि खरीद जाँच-सूची देखें)।

यदि कन्वर्ज़न अस्वीकार हो जाए

अस्वीकृति को OLR Act और नियमों के प्रावधानों के तहत, निर्धारित समय के भीतर, उच्च राजस्व प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी जा सकती है; राजस्व न्यायालयों की व्यवस्था देखें। जहाँ आदेश अधिकार-क्षेत्र के बिना है या कानून की अनदेखी करता है, वहाँ उड़ीसा उच्च न्यायालय (Orissa High Court) में रिट याचिका संभव हो सकती है। आदेश और जाँच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियाँ सुरक्षित रखें।

संबंधित कार्य का विवरण भूमि और संपत्ति के अंतर्गत दिया गया है, और संबंधित न्यायालयों तथा कार्यालयों की सूची न्यायालय पृष्ठ पर है।

इस मार्गदर्शिका में प्रयुक्त ओड़िया शब्द

ओड़ियालिप्यंतरणअर्थ
କିସମकिस्म (kisam)अधिकार अभिलेख में भूमि का वर्गीकरण
ଘରବାରିघरबारी (gharabari)गृहस्थल (आवासीय) भूमि
ତହସିଲतहसील (tahasil)तहसीलदार की अध्यक्षता वाला राजस्व उप-मंडल कार्यालय

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में अभी भूमि उपयोग परिवर्तन (कन्वर्ज़न) शुल्क कितना है?

ओडिशा भूमि सुधार (संशोधन) अधिनियम, 2023 के बाद से धारा 8-A(2) में कृषि भूमि के प्रति एकड़ बाज़ार मूल्य के एक प्रतिशत का परिवर्तन शुल्क निर्धारित है। आकलित राशि तहसील से लिखित रूप में माँगें।

ओडिशा में भूमि उपयोग परिवर्तन में कितने दिन लगते हैं?

ओडिशा लोक सेवा अधिकार अधिसूचना में धारा 8-A के मामले के निपटारे को 60 दिन की सेवा के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वास्तविक समय क्षेत्रीय जाँच और किसी भी आपत्ति पर निर्भर करता है।

ओडिशा में भूमि उपयोग परिवर्तन को कौन मंज़ूरी देता है, तहसीलदार या उप-जिलाधिकारी (सब-कलेक्टर)?

आवेदन तहसील में दाखिल किया जाता है। धारा 8-A के तहत प्राधिकृत अधिकारी इसका निर्णय करता है: आमतौर पर तहसीलदार, और बड़े मामले राजस्व विभाग की अधिसूचना के अनुसार उप-जिलाधिकारी (सब-कलेक्टर) के पास जाते हैं।

क्या ओडिशा में भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

परियोजना आवेदक GO-SWIFT सिंगल-विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। व्यक्तिगत आवेदक आमतौर पर तहसील में या, जहाँ उपलब्ध हो, राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से आवेदन करते हैं।

अगर मैं केवल अपनी खेती की ज़मीन पर घर बनाना चाहता हूँ, तो क्या कन्वर्ज़न ज़रूरी है?

सामान्यतः हाँ, यदि भूमि किसी कृषि किस्म के तहत दर्ज है। योजना प्राधिकरण या स्थानीय निकाय से भवन नक्शे की मंज़ूरी एक अलग आवश्यकता है।

आधिकारिक स्रोत

सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं। प्रत्येक मामला अपने तथ्यों और दस्तावेज़ों पर निर्भर करता है, और कानून तथा आधिकारिक प्रक्रियाएँ बदलती रहती हैं। कोई कदम उठाने से पहले संबंधित कार्यालय से वर्तमान स्थिति की जाँच करें, या अपने तथ्यों पर सलाह लें।

प्रकाशक

ध्वनित मिश्र, अधिवक्ता का चैंबर

ओडिशा राज्य बार काउंसिल में नामांकित; चैंबर पटिया, भुवनेश्वर में। ओडिशा के कानून और प्रक्रियाओं पर सामान्य जानकारी के रूप में लिखा गया, ऊपर सूचीबद्ध आधिकारिक स्रोतों से जाँचा गया। यह कानूनी सलाह नहीं है और इससे अधिवक्ता-मुवक्किल संबंध स्थापित नहीं होता।

कानूनी मार्गदर्शिकाएँ

संबंधित मार्गदर्शिकाएँ

सभी कानूनी मार्गदर्शिकाएँ

संपर्क

संपर्क विवरण

पटिया, भुवनेश्वर में पूर्व समय लेकर भेंट।