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भूमि एवं संपत्ति अभिलेख

ओडिशा में ज़मीन ख़रीदने से पहले मुझे क्या-क्या जाँचना चाहिए?

सामान्य कानूनी जानकारीअद्यतन

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4 मिनट
खंड
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प्रश्न
4
आधिकारिक स्रोत
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संक्षिप्त उत्तर

कम से कम: वर्तमान और पिछले अधिकार अभिलेख, स्वामित्व विलेखों की पूरी शृंखला, उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय से भार-मुक्ति प्रमाणपत्र, भूमि का वर्गीकरण (किस्म) और क्या आपके प्रस्तावित उपयोग के लिए कन्वर्ज़न आवश्यक है, कोई लंबित मुकदमा, और क्या ज़मीन पर मौजूद प्लॉट नक्शे से मेल खाता है।

जाँच-सूची

1. अधिकार अभिलेख, वर्तमान और पिछले

भूलेख (Bhulekh) पर वर्तमान अधिकार अभिलेख देखें और पिछले बंदोबस्त का अभिलेख प्राप्त करें। पुष्टि करें कि विक्रेता दर्ज है, प्लॉट नंबर और क्षेत्रफल मेल खाते हैं, और बंदोबस्त के बाद का हर बदलाव किसी नामांतरण आदेश पर आधारित है। टिप्पणी वाला कॉलम पढ़ें।

2. स्वामित्व विलेखों की पूरी शृंखला

विलेख-दर-विलेख, अक्सर कई दशकों तक, पता लगाएँ कि भूमि विक्रेता तक कैसे पहुँची, और केवल फ़ोटोकॉपी पर निर्भर रहने के बजाय पंजीकरण कार्यालय की प्रमाणित प्रतियाँ देखें। हर कड़ी एक पंजीकृत विलेख, प्रमाण सहित उत्तराधिकार, या डिक्री होनी चाहिए।

3. भार-मुक्ति प्रमाणपत्र

भार-मुक्ति प्रमाणपत्र खोजी गई अवधि के लिए संपत्ति को प्रभावित करने वाले पंजीकृत लेन-देन, जैसे बिक्री और बंधक, दिखाता है। ओडिशा में इसके लिए पंजीकरण महानिरीक्षक (Inspector General of Registration) के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, और यह जिला उप-पंजीयक या उप-पंजीयक द्वारा जारी किया जाता है।

4. किस्म और कन्वर्ज़न

भूमि का वर्गीकरण जाँचें। यदि यह कृषि भूमि के रूप में दर्ज है और आप निर्माण करना चाहते हैं, तो सामान्यतः ओडिशा भूमि सुधार अधिनियम, 1960 की धारा 8-A के तहत गैर-कृषि उपयोग के लिए कन्वर्ज़न आवश्यक है, जो तहसीलदार को आवेदन देने और आकलित प्रीमियम के भुगतान पर होता है। योजना या विकास प्राधिकरण से भवन नक्शे की मंज़ूरी एक अलग चरण है।

5. कौन बेच रहा है, और क्या वह बेच सकता है?

  • दर्ज धारक के सभी सह-स्वामी या उत्तराधिकारी बिक्री में शामिल होने चाहिए।
  • मुख्तारनामा (पावर ऑफ़ अटॉर्नी) पंजीकृत, असली और अभी भी प्रभावी होना चाहिए।
  • नाबालिग का हिस्सा बेचने के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक है।
  • अनुसूचित जनजाति के सदस्यों द्वारा भूमि के हस्तांतरण पर ओडिशा भूमि सुधार अधिनियम, 1960 के तहत प्रतिबंध है और सामान्यतः सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है।

6. लंबित मुकदमे

विक्रेता से लिखित रूप में पूछें, eCourts सेवाएँ पोर्टल पर पक्षकार के नाम से खोजें, और स्थानीय स्तर पर भी पूछताछ करें। जिस संपत्ति पर कोई वाद लंबित है, उसका खरीदार सामान्यतः उस वाद के परिणाम से बँधा होता है।

7. ज़मीन पर प्लॉट

गाँव के नक्शे के अनुसार भूमि का सीमांकन करवाएँ, सीमाएँ, कब्ज़ा और पहुँच मार्ग जाँचें, और अतिक्रमण या किसी अन्य के कब्ज़े को देखें।

8. अपार्टमेंट और प्लॉटेड विकास परियोजनाएँ

जिस परियोजना का रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) के तहत पंजीकरण आवश्यक है, उसके लिए ओडिशा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (Odisha RERA) में उसका पंजीकरण और उसमें सूचीबद्ध स्वीकृतियाँ जाँचें।

इनमें से कई जाँचों पर अलग मार्गदर्शिकाएँ हैं: टाइटल सर्च रिपोर्ट में क्या शामिल होता है अंग्रेज़ी में, भार-मुक्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना, धारा 8-A के अंतर्गत भूमि उपयोग परिवर्तन (कन्वर्ज़न) और आदिवासी भूमि के हस्तांतरण के नियम अंग्रेज़ी में। खरीद के बाद के चरणों के लिए देखें ओडिशा में बिक्री विलेख का पंजीकरण और तहसील में नामांतरण।

खरीद के समय और उसके बाद

  1. बिक्री विलेख इस तरह तैयार करवाएँ कि वह अभिलेखों से बिल्कुल मेल खाए: नाम, खाता, प्लॉट नंबर, क्षेत्रफल और सीमाएँ।
  2. सही मूल्य पर स्टांप शुल्क चुकाएँ; बेंचमार्क मूल्यांकन IGR Odisha पोर्टल पर प्रकाशित है।
  3. उप-पंजीयक कार्यालय में विलेख का पंजीकरण करवाएँ। एक सौ रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की बिक्री केवल पंजीकृत लिखत द्वारा ही की जा सकती है।
  4. तहसील में नामांतरण के लिए आवेदन करें, और फिर अपने नाम से भू-राजस्व चुकाएँ।
  5. मूल विलेख, प्रमाणित प्रति, नामांतरण आदेश और रसीदें सुरक्षित रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामित्व की जाँच कितने पीछे तक करनी चाहिए?

व्यवहार अलग-अलग है, लेकिन स्वामित्व की शृंखला आमतौर पर कई दशकों तक, पिछले बंदोबस्त अभिलेख तक या आवश्यकता होने पर उससे भी पीछे तक, खोजी जाती है, ताकि हर हस्तांतरण का हिसाब हो।

भार-मुक्ति प्रमाणपत्र (EC) क्या है?

पंजीकरण कार्यालय का प्रमाणपत्र, जिसमें खोजी गई अवधि के दौरान किसी संपत्ति को प्रभावित करने वाले पंजीकृत लेन-देन, जैसे बिक्री और बंधक, सूचीबद्ध होते हैं। ओडिशा में इसके लिए IGR Odisha पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

क्या बिक्री का अनुबंध मुझे स्वामी बनाने के लिए पर्याप्त है?

नहीं। बिक्री का अनुबंध स्वामित्व हस्तांतरित नहीं करता। स्वामित्व पंजीकृत बिक्री विलेख (सेल डीड) से हस्तांतरित होता है, जिसके बाद नामांतरण (म्यूटेशन) के लिए आवेदन करना चाहिए।

क्या कृषि भूमि पर निर्माण के लिए कन्वर्ज़न आवश्यक है?

सामान्यतः हाँ। गैर-कृषि उपयोग के लिए कन्वर्ज़न का आवेदन ओडिशा भूमि सुधार अधिनियम, 1960 की धारा 8-A के तहत किया जाता है, और भवन नक्शे की मंज़ूरी एक अलग आवश्यकता है।

आधिकारिक स्रोत

सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं। प्रत्येक मामला अपने तथ्यों और दस्तावेज़ों पर निर्भर करता है, और कानून तथा आधिकारिक प्रक्रियाएँ बदलती रहती हैं। कोई कदम उठाने से पहले संबंधित कार्यालय से वर्तमान स्थिति की जाँच करें, या अपने तथ्यों पर सलाह लें।

प्रकाशक

ध्वनित मिश्र, अधिवक्ता का चैंबर

ओडिशा राज्य बार काउंसिल में नामांकित; चैंबर पटिया, भुवनेश्वर में। ओडिशा के कानून और प्रक्रियाओं पर सामान्य जानकारी के रूप में लिखा गया, ऊपर सूचीबद्ध आधिकारिक स्रोतों से जाँचा गया। यह कानूनी सलाह नहीं है और इससे अधिवक्ता-मुवक्किल संबंध स्थापित नहीं होता।

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