बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुरूप, यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है। यह कोई विज्ञापन या कार्य के लिए आग्रह (सॉलिसिटेशन) नहीं है।

भूमि एवं संपत्ति अभिलेख

ओडिशा में भार-मुक्ति प्रमाणपत्र (EC) कैसे प्राप्त करें?

सामान्य कानूनी जानकारीअद्यतन

पढ़ने का समय
6 मिनट
खंड
7
प्रश्न
5
आधिकारिक स्रोत
6
इस पृष्ठ पर

संक्षिप्त उत्तर

भार-मुक्ति प्रमाणपत्र (encumbrance certificate, EC) में आपके द्वारा चुनी गई अवधि के दौरान किसी संपत्ति को प्रभावित करने वाले पंजीकृत लेन-देन, जैसे बिक्री, दान और बंधक, सूचीबद्ध होते हैं। ओडिशा में आप IGR Odisha पोर्टल (Online Encumbrance Certificate) पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं, ट्रेज़री गेटवे से भुगतान करते हैं, और जिला उप-पंजीयक या उप-पंजीयक द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र डाउनलोड करते हैं। इसमें अपंजीकृत सौदे, न्यायालय के मामले या राजस्व बकाया नहीं दिखते, इसलिए यह कई जाँचों में से एक है।

EC में क्या दिखता है

जब बिक्री विलेख, दान विलेख, बंधक विलेख, पट्टा (लीज़) या बँटवारा विलेख जैसा कोई दस्तावेज़ पंजीकृत होता है, तो पंजीकरण कार्यालय उसे संपत्ति के सामने अनुक्रमित (इंडेक्स) करता है। भार-मुक्ति प्रमाणपत्र किसी दी गई संपत्ति और अवधि के लिए उन अनुक्रमणिकाओं की खोज का परिणाम है। इसमें मिले प्रत्येक पंजीकृत लेन-देन के लिए आमतौर पर ये दिखते हैं:

  • दस्तावेज़ की प्रकृति (बिक्री, दान, बंधक, त्याग (रिलीज़) आदि);
  • निष्पादक और दावेदार के नाम;
  • पंजीकरण कार्यालय, दस्तावेज़ संख्या और तिथि; और
  • विलेख में दिया गया संपत्ति का विवरण।

यदि कोई पंजीकृत लेन-देन नहीं मिलता, तो प्रमाणपत्र खोजी गई अवधि के लिए यही बताता है (इसे कभी-कभी "शून्य भार" (nil encumbrance) परिणाम कहा जाता है)।

IGR Odisha पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  1. IGR Odisha पोर्टल पर जाएँ और Online Encumbrance Certificate चुनें। लॉगिन बनाने के लिए नए उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण करें, फिर साइन इन करें।
  2. Apply New EC चुनें और संपत्ति का विवरण दर्ज करें: जिला, पंजीकरण कार्यालय, तहसील, गाँव (मौजा), और खाता या प्लॉट नंबर।
  3. वह अवधि दर्ज करें जिसके लिए खोज आवश्यक है।
  4. पुष्टि पृष्ठ जाँचें और सहमति दें। शुल्क स्क्रीन पर दिखाया जाता है।
  5. ओडिशा ट्रेज़री भुगतान गेटवे (कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI) से भुगतान करें। एक धन रसीद (मनी रिसीट) बनती है।
  6. आवेदन पंजीकरण कार्यालय में जाता है, जहाँ उसकी जाँच होती है और फिर जिला उप-पंजीयक या उप-पंजीयक उसे स्वीकृत करके डिजिटल हस्ताक्षर करते हैं।
  7. हस्ताक्षर होने पर आपके डैशबोर्ड पर संदेश आता है और प्रमाणपत्र PDF के रूप में डाउनलोड किया जा सकता है।

राजस्व विभाग की लोक सेवा सूची में भार-मुक्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन प्राप्त होने से 7 दिन की समय-सीमा दी गई है। आप क्षेत्र के जिला उप-पंजीयक या उप-पंजीयक कार्यालय में भी आवेदन कर सकते हैं।

शुल्क

लिखते समय IGR Odisha के शुल्क पृष्ठ पर EC खोज शुल्क इस प्रकार सूचीबद्ध हैं: सामान्य खोज के पहले वर्ष के लिए ₹25 और बाद के प्रत्येक वर्ष के लिए ₹15, ₹1 आवेदन शुल्क, और ₹75 प्रति वर्ष उपयोगकर्ता शुल्क, अधिकतम ₹250 तक। भुगतान से पहले पोर्टल आपकी खोज की सटीक राशि दिखाता है।

कोई एक नियम नहीं है। बैंक और खरीदार आमतौर पर कई दशकों का EC माँगते हैं, ताकि पिछले बंदोबस्त या स्वामित्व के स्पष्ट मूल स्रोत तक का हर पंजीकृत हस्तांतरण शामिल हो जाए। ध्यान रखने योग्य बातें:

  • यदि अवधि के दौरान किसी बंदोबस्त ने नंबर बदल दिए हैं, तो पुराने (साबिक) और वर्तमान (हाल) दोनों प्लॉट और खाता नंबरों से खोज करें। पुराने नंबर के तहत दर्ज लेन-देन नए नंबर से की गई खोज में छूट सकता है। साबिक और हाल देखें।
  • पुराने वर्ष कंप्यूटरीकृत अनुक्रमणिका में उपलब्ध न हों, ऐसा हो सकता है। उन वर्षों के लिए पंजीकरण कार्यालय से हाथ से खोज (मैनुअल सर्च) और प्रमाणित प्रतियों के बारे में पूछें।
  • यदि भूमि किसी समय किसी दूसरे पंजीकरण कार्यालय के क्षेत्र में थी (कार्यालयों का कभी-कभी पुनर्गठन होता है), तो वहाँ भी खोज करें।

EC में क्या नहीं दिखता

  • अपंजीकृत लेन-देन: अपंजीकृत बिक्री अनुबंध, मौखिक व्यवस्थाएँ, अनौपचारिक रूप से दिया गया कब्ज़ा, या अपंजीकृत मुख्तारनामा (पावर ऑफ़ अटॉर्नी)।
  • स्वामित्व विलेख जमा करके किए गए बंधक, जहाँ कोई पंजीकृत दस्तावेज़ निष्पादित नहीं हुआ। विक्रेता से मूल विलेख माँगें और जहाँ संभव हो बैंकों से जाँच करें।
  • संपत्ति के विरुद्ध पंजीकृत न किए गए न्यायालय के मामले और कुर्की। eCourts सेवाओं पर पक्षकार के नाम से भी खोज करें।
  • राजस्व और कर बकाया, अधिग्रहण की कार्यवाही, या केवल RoR की टिप्पणियों में दर्ज प्रतिबंध। भूलेख (Bhulekh) पर RoR पढ़ें।
  • विलेख के विवरण में त्रुटियाँ। यदि किसी पुराने विलेख में प्लॉट का गलत वर्णन था, तो अनुक्रमणिका उसे आपकी खोज से न जोड़े, ऐसा हो सकता है।

इसलिए EC आवश्यक है, पर पर्याप्त नहीं। इसका उपयोग RoR, विलेखों की शृंखला और स्थल निरीक्षण के साथ करें, जैसा कि भूमि खरीद जाँच-सूची में बताया गया है।

बेंचमार्क मूल्य की जाँच

वही IGR Odisha पोर्टल, और राज्य का ई-पंजीकरण मोबाइल ऐप, जिला, पंजीकरण कार्यालय, गाँव, किस्म और प्लॉट के अनुसार भूमि का बाज़ार मूल्य (बेंचमार्क मूल्य) दिखाते हैं। बिक्री या दान पर स्टांप शुल्क घोषित मूल्य और इस मूल्य में से जो अधिक हो, उस पर लगता है (बिक्री या दान विलेख का पंजीकरण देखें)।

बेंचमार्क मूल्य ओडिशा स्टांप नियमों (Odisha Stamp Rules) के तहत जिला स्तरीय मूल्यांकन समितियों द्वारा तय किए जाते हैं। दिसंबर 2025 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने हर दो वर्ष में बाज़ार मूल्य संशोधित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की, जिसमें संशोधित मूल्य संशोधन वर्ष की 1 अप्रैल से प्रभावी होते हैं। सितंबर 2025 में रिपोर्ट किए गए एक निर्णय में उड़ीसा उच्च न्यायालय (Orissa High Court) ने गंजाम जिले में बढ़ाए गए बेंचमार्क मूल्यांकन को रद्द कर दिया, यह मानते हुए कि नियमों की प्रक्रिया का पालन किए बिना एकमुश्त प्रतिशत वृद्धि वैध नहीं थी, और नए सिरे से प्रक्रिया करने का निर्देश दिया; इससे पता चलता है कि प्रक्रिया का पालन न होने पर इन मूल्यों पर सवाल उठाया जा सकता है।

व्यावहारिक बातें:

  • RoR में वर्तमान में दर्ज किस्म का उपयोग करें। जिस प्लॉट का घरबारी (आवासीय) में कन्वर्ज़न हो चुका है, उसका मूल्य आमतौर पर कृषि भूमि से अलग होता है।
  • मूल्य क्षेत्र और श्रेणी के अनुसार तय होता है, इसलिए दो पड़ोसी प्लॉट अलग-अलग गाँवों या सड़क श्रेणियों में होने पर उनका मूल्य अलग हो सकता है।
  • यदि आपको लगता है कि आपके विलेख पर लगाया गया मूल्य गलत है, तो पंजीकरण के समय ही पंजीकरण अधिकारी के सामने यह मुद्दा उठाएँ, और कारण लिखित रूप में रखें।

EC का उपयोग

  • प्रत्येक प्रविष्टि का मिलान विक्रेता द्वारा दिखाए गए विलेखों से करें। किसी अस्पष्ट बिक्री या बंधक का उत्तर आगे बढ़ने से पहले मिलना चाहिए।
  • जहाँ बंधक दिखे, वहाँ पंजीकृत त्याग-पत्र (रिलीज़ डीड) या बैंक का खाता-बंदी पत्र माँगें।
  • पहली खोज के बाद हुए किसी लेन-देन को पकड़ने के लिए, अपने स्वयं के पंजीकरण की तिथि के निकट नया EC लें।

संबंधित कार्य का विवरण भूमि और संपत्ति के अंतर्गत दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में भार-मुक्ति प्रमाणपत्र ऑनलाइन कैसे प्राप्त करें?

IGR Odisha पोर्टल पर Online Encumbrance Certificate के तहत आवेदन करें, संपत्ति और अवधि दर्ज करें, ट्रेज़री गेटवे से भुगतान करें, और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र डाउनलोड करें।

ओडिशा में EC मिलने में कितने दिन लगते हैं?

राजस्व विभाग की लोक सेवा सूची में भार-मुक्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन से 7 दिन निर्धारित हैं।

ओडिशा में भार-मुक्ति प्रमाणपत्र का शुल्क कितना है?

IGR Odisha में खोज के पहले वर्ष के लिए ₹25 और बाद के प्रत्येक वर्ष के लिए ₹15, साथ में छोटे आवेदन और उपयोगकर्ता शुल्क सूचीबद्ध हैं। भुगतान से पहले पोर्टल सटीक शुल्क दिखाता है।

भूमि खरीदने से पहले कितने वर्षों का EC लेना चाहिए?

कोई निश्चित नियम नहीं है। खरीदार और बैंक अक्सर कई दशकों का EC माँगते हैं, स्वामित्व के स्पष्ट मूल स्रोत तक, और खोज में पुराने और नए दोनों प्लॉट नंबर शामिल होने चाहिए।

क्या EC में भूमि से जुड़े न्यायालय के मामले दिखते हैं?

नहीं। EC केवल पंजीकृत लेन-देन दिखाता है। न्यायालय के अभिलेख eCourts पर और RoR की टिप्पणियाँ अलग से जाँचें।

आधिकारिक स्रोत

सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं। प्रत्येक मामला अपने तथ्यों और दस्तावेज़ों पर निर्भर करता है, और कानून तथा आधिकारिक प्रक्रियाएँ बदलती रहती हैं। कोई कदम उठाने से पहले संबंधित कार्यालय से वर्तमान स्थिति की जाँच करें, या अपने तथ्यों पर सलाह लें।

प्रकाशक

ध्वनित मिश्र, अधिवक्ता का चैंबर

ओडिशा राज्य बार काउंसिल में नामांकित; चैंबर पटिया, भुवनेश्वर में। ओडिशा के कानून और प्रक्रियाओं पर सामान्य जानकारी के रूप में लिखा गया, ऊपर सूचीबद्ध आधिकारिक स्रोतों से जाँचा गया। यह कानूनी सलाह नहीं है और इससे अधिवक्ता-मुवक्किल संबंध स्थापित नहीं होता।

कानूनी मार्गदर्शिकाएँ

संबंधित मार्गदर्शिकाएँ

सभी कानूनी मार्गदर्शिकाएँ

संपर्क

संपर्क विवरण

पटिया, भुवनेश्वर में पूर्व समय लेकर भेंट।